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अध्याय 2: गीता का सार

May 30, 2020 0

सञ्जय उवाच तं तथा कृपयाविष्टमश्रुपूर्णाकुलेक्षणम् | विषीदन्तमिदं वाक्यमुवाच मधुसूदनः || १ || संजय ने कहा – करुणा से व्याप्त...

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